हम सभी के body में Mind ऐसा part है जो सबसे powerful है, जिसने पूरे शरीर को control कर रखा है, पूरी life जिसके control में है और अगर इस mind को समझ लिया तो हम अपनी life को कैसा भी मोड़ दे सकते हैं, जैसा चाहें जी सकते हैं।
हमारे life में जी event या घटनाएं होती हैं वो सारी mind के through ही होती हैं और ultimately mind में ही register होती है।
दुनिया में जितने भी अच्छे और बुरे काम हो रहे हैं वो सारे दिमाग के ही इस्तेमाल से हो रहे हैं, बुरे से बुरा और अच्छे से अच्छा काम सब दिमाग के इस्तेमाल से किये जा रहे हैं।
तो सबसे पहले दिमाग को जानें, समझने की कोशिश करें और फिर अपने दिमाग को control करें और ये सारी चीजें हो सकती हैं Time लें लेकिन ज़िन्दगी ज़रूर बदल देगी सबकी।
दिमाग को दो part में बांटा गया है
1) concious ( चेतन मन)
2) subconcious ( अवचेतन मन)
Concious mind ( चेतन मन ) :-
कहते हैं की चेतन मन हमारे mind का gatekeeper है, कोई भी thought चाहे वो किसी भी तरह का हो सबसे पहले इसे concious mind से होते हुए गुजरना होता है।
कोई भी चीज़ जो आप पहली बार सिख रहे हों या सीखा रहे हों वो conciously होता है, जो काम आपके लिए बिल्कुल नया है और वो काम आप शुरू करने जा रहे हैं वो conciously होगा।
आसान Example के through आप इसे आसानी से समझेंगे
Illustration 1: हम जब office first time जाते हैं तो वहां का location हमारे लिए नया होता है तो हम conciously जाते हैं, रास्ता अच्छी तरह समझते हैं।
बिल्कुल ऐसे ही पहली बार android phone , new gadgets , CAR सीखने पे करते हैं, ये सारे काम हम concious mind के through करते हैं क्योंकि पूरा ध्यान हमारा इन चीजों को अच्छी तरह सीखने में लगता है।
Subconcious mind ( अवचेतन मन ) :-
ये सबसे intresting part है mind का और सबसे powerfull भी, हमारे life में हम जो कुछ भी हैं इसी की वजह से हैं क्योंकि एक बार जब कोई भी चीज़ concious mind से bypass होकर subconcious mind में चली गयी तो फिर उस चीज़ को भूलना मुश्किल है।
फिर वो आपकी आदत हो जाएगी चाहे वो अच्छी हो या बुरी और आप उस काम को खेल खेल में कर जाओगे।
For example :- अगर आप first time गाड़ी चलाना सिख रहे हैं तो आप conciously उसे सीखेंगे और आपका पूरा ध्यान उसे सीखने में ही होगा और जब आप गाड़ी चलाना सिख चुके होंगे तब आप subconciously उसे चला रहे होते हैं, गाड़ी चलाते चलाते तब आप किसी से भी बात कर सकते हैं क्योंकि तब आपके subconcious mind में गाड़ी चलाने के सारे tips अच्छी तरह registered हो जाते हैं।
इस example से आप समझ चुके होंगे कि mind में कितनी जबरदस्त power है, इसके through हम कुछ भी कर सकते हैं।
जरा सोचिए कि जिस काम को आप इतने perfectly कर रहे हैं तो आप क्या नहीं कर सकते अगर आप अपने mind का सही इस्तेमाल करें।
हमारे life में जी event या घटनाएं होती हैं वो सारी mind के through ही होती हैं और ultimately mind में ही register होती है।
दुनिया में जितने भी अच्छे और बुरे काम हो रहे हैं वो सारे दिमाग के ही इस्तेमाल से हो रहे हैं, बुरे से बुरा और अच्छे से अच्छा काम सब दिमाग के इस्तेमाल से किये जा रहे हैं।
तो सबसे पहले दिमाग को जानें, समझने की कोशिश करें और फिर अपने दिमाग को control करें और ये सारी चीजें हो सकती हैं Time लें लेकिन ज़िन्दगी ज़रूर बदल देगी सबकी।
दिमाग को दो part में बांटा गया है
1) concious ( चेतन मन)
2) subconcious ( अवचेतन मन)
Concious mind ( चेतन मन ) :-
कहते हैं की चेतन मन हमारे mind का gatekeeper है, कोई भी thought चाहे वो किसी भी तरह का हो सबसे पहले इसे concious mind से होते हुए गुजरना होता है।
कोई भी चीज़ जो आप पहली बार सिख रहे हों या सीखा रहे हों वो conciously होता है, जो काम आपके लिए बिल्कुल नया है और वो काम आप शुरू करने जा रहे हैं वो conciously होगा।
आसान Example के through आप इसे आसानी से समझेंगे
Illustration 1: हम जब office first time जाते हैं तो वहां का location हमारे लिए नया होता है तो हम conciously जाते हैं, रास्ता अच्छी तरह समझते हैं।
बिल्कुल ऐसे ही पहली बार android phone , new gadgets , CAR सीखने पे करते हैं, ये सारे काम हम concious mind के through करते हैं क्योंकि पूरा ध्यान हमारा इन चीजों को अच्छी तरह सीखने में लगता है।
Subconcious mind ( अवचेतन मन ) :-
ये सबसे intresting part है mind का और सबसे powerfull भी, हमारे life में हम जो कुछ भी हैं इसी की वजह से हैं क्योंकि एक बार जब कोई भी चीज़ concious mind से bypass होकर subconcious mind में चली गयी तो फिर उस चीज़ को भूलना मुश्किल है।
फिर वो आपकी आदत हो जाएगी चाहे वो अच्छी हो या बुरी और आप उस काम को खेल खेल में कर जाओगे।
For example :- अगर आप first time गाड़ी चलाना सिख रहे हैं तो आप conciously उसे सीखेंगे और आपका पूरा ध्यान उसे सीखने में ही होगा और जब आप गाड़ी चलाना सिख चुके होंगे तब आप subconciously उसे चला रहे होते हैं, गाड़ी चलाते चलाते तब आप किसी से भी बात कर सकते हैं क्योंकि तब आपके subconcious mind में गाड़ी चलाने के सारे tips अच्छी तरह registered हो जाते हैं।
इस example से आप समझ चुके होंगे कि mind में कितनी जबरदस्त power है, इसके through हम कुछ भी कर सकते हैं।
जरा सोचिए कि जिस काम को आप इतने perfectly कर रहे हैं तो आप क्या नहीं कर सकते अगर आप अपने mind का सही इस्तेमाल करें।

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