Sunday, 23 September 2018

Opportunity knocks Your door in Hindi

हम सभी के life में एक या दो opportunity ऐसी जरूर आती है जो हमारी life को बदल सकती है , बस जरूरत है उसे पहचानने की

जो life में आये ऐसे opportunities को पहचान लेता है वह success achieve कर लेता है

लेकिन जो ऐसे मौकों को अपनी life से ऐसे ही जाने देते हैं या मौकों को identify नहीं कर पाते तो opportunity भी दरवाजे पे knock knock करके चली जाती है

और life में कोई भी मौका मिले ना उसे luck मत मानिए , opportunity आपके hard work का ही result होती है जो जल्दी या late आती जरूर है

खास बात ये है की हर एक के life में एक बार ऐसा अवसर जरूर आता है जो उसे success point तक ले जाता है

कोशिश कीजिये की जो भी opportunity आपके दरवाजे पे knock knock करे उसे welcome कीजिये ,identify कीजिये

क्योंकि लोग मौके को identify नहीं कर पाते और बाद में कहते रह जाते हैं की मौका नहीं मिला

Friday, 7 September 2018

Failure is Nothing but feedback in life

जरा सोचिए की आप किसी काम को करने जा रहे हैं और काम शुरू कर दिया आप लग के काम कर रहे हैं।

But result नहीं मिल रहा , आप परेशान हो जाते हैं, अब उसे situation में mind काम करना बंद कर देता है कभी कभी।

अब आप लोग ही सोचिये की चुपचाप उस काम से पीछे हट जाना सही है या उस काम के लिए एक और रास्ता ढूंढना सही रहेगा ।

बहुत से case ऐसे हैं जिसमें लोग एक, दो या तीन बार try करने के बाद पीछे हट जाते हैं , backout हो जाते हैं, अपने आप को failure मानने लगते हैं।

अगर इसी failure thinking को हम feedback में convert करने लगे तो सोचिये की कितने changes हम अपने life में कर सकते हैं।

Feedback को समझिए की आपने किसी काम को करने के लिए जो tools & technique use की है उससे ये achieve होने वाला नहीं है।

उस technique को आपने वापस apply नहीं करना है ताकि आपका time save रहे और उतना time आप नए तरीके खोजने में लगाएं ।

और सबसे ज्यादा important बात यह है कि आप जिस चीज़ को achieve करने के लिए इतना कुछ कर रहे हैं वो आपके लिए कितना important है

क्योंकि तभी आप feedback लेने में ज्यादा रुचि लेंगे और काम को नए तरिके से करना शुरू करेंगे।


Thursday, 6 September 2018

Self image transformation technique

आपके life का पूरा control सिर्फ एक के पास है और वो हैं खुद आप और यकीन नहीं आता तो 5 minute सोचिये deeply, आपको feel होगा की बात सही है।

हमारे mind में वो सारी memories & event install हैं जो हमारे past event में हुए हैं चाहे वो negative है या positive।



बस बात इतनी सी है कि हम जिस situation में life spend कर रहे हैं ये सब उसी images के results हैं।

और आगे भी mind में possibilities रहती हैं की future में भी ऐसी ही life होगी जो बिल्कुल गलत है।

मैं एक technique आपसे share कर रहा हूँ जिसे आप रात में सोने से पहले और morning में उठने के बाद करें तो बेहतरीन results आपको मिलेंगे।

अब करना ये है की आपको आंख बंद करके 2 minute तक गहरी सांस लें, relax हो जाएं , जब relax हो जाएं तो आंख बंद करके जो आप बनना चाहते हैं और जैसी life आप जीना चाहते हैं वैसा अपने आप को देखें बस इतना ध्यान रखें की जो life आप जीना चाहते हैं उससे किसी को problem न हो, देखते रहिये और जितनी ज्यादा images आप create कर सकें अपनी future life के बारे में कीजिए।



ध्यान रहे की ये सब realistic होने चाहिए

For example: अगर आप ये image create कर रहे हैं की universe की सैर करूँगा तो आप समझ सकते हैं की कितना possible है।

जब आप maximum images create कर लेंगे तो मन में बोलिये की "यही मैं हूँ और कल से मैने ऐसी ही life जिनि शुरू करनी है।

इस process में time भी लग सकता है but आपके लिए best है , इस technique को daily करें और एक दिन भी miss न करें।

Results अवश्य आपको मिलेंगे और result जरूर share कीजियेगा।

Wednesday, 5 September 2018

Power of prayer therapy in Hindi

कहते हैं की दुआएं कुबूल होती हैं और सच में होती हैं, जो शक्ति हमारे प्रार्थना में होती है वो चाहे हम अल्लाह से करें या भगवान से, हम चाहे ईसा मसीह से करें या वाहे गुरु से, हमारी प्रार्थना में शक्ति होती है।

प्रार्थना कुबूल की जाती है अगर हम सच्चे मन से और पूरे दिल से करते हैं तो, कोई समय नहीं होता प्रार्थना का आप कभी भी प्रार्थना कर सकते हैं और कहीं भी कर सकते हैं।



बस प्रार्थना करते समय एक बात का ध्यान रखें की इसे पूरे prayer में आप और ईश्वर हो, आपका पूरा समय भगवान से बात करते हुए बीते , आपकी प्रार्थना की ताकत बढ़ेगी।

ये एक therapy भी है जिससे की आपके मन को सुकून और आपकी इच्छाएं भी पूरी होती हैं, आप जो भी प्रार्थना करते हैं उसमें ईश्वर से Thanks जरूर कहें।

Prayer therapy एक ऐसा process है जिसमे आपको पूरे मन से ईश्वर से प्रार्थना करनी होती है, चाहे वो आपके खुद के लिए हो या आपके जानने वालों के लिए।



हमें मालूम है कि आप सभी की prayer आपके मन के हिसाब से होती है, और चाहे तो आप इसको और मजबूत बना सकते हैं, इन चीजों के द्वारा जो आप ध्यान रखें प्राथना करते वक़्त:-

1) एक ऐसी जगह की image बना लें जिसमें आप और ईश्वर हों कोई भी काल्पनिक जगह imagine कर लें

2) पूरे सच्चे मन से ईश्वर से बात करें जो भी रूप आपने ईश्वर को दिया है अपने काल्पनिक जगह में

3) मन को शांत रखें क्योंकि जितना शांत आपका मन होगा उतनी ज्यादा ताकत आपकी प्रार्थना में बढ़ेगी

4) कोशिश करें प्रार्थना निस्वार्थ हो जिसमें ईश्वर का धन्यवाद हो

5) जो भी आप मांगें प्रार्थना के वक़्त उसके मानवकल्याण में योगदान करेंगे करके मांगें ( मानवकल्याण के हित में मांगें)

6) और कोशिश कीजिए की प्रार्थना सोने से पहले करें और सुबह उठने के बाद अवश्य करें

Power of prayer therapy कुछ है नहीं अगर आप माने और विश्वास करें तो ये वो power है जो लोगों की बीमारी का नाश कर देती है अगर सच्चे मन से मांगो तो।

For example :- इस power का  एक छोटा सा example  देखें तो hospital में देख सकते हैं जब doctor भी अपनी ability पर हार जाते हैं और फिर कहते हैं की अब तो भगवान ही कुछ कर सकते हैं और फिर चमत्कार हो जाता है, काफी cases हुए हैं ऐसे ।

जब एक प्रार्थना से कोई मौत के मुँह से वापस आ सकता है तो सोचिये की इसे therapy के रूप में हमें लाएं और सही तरीके से करें तो क्या कुछ नहीं हासिल कर सकते।

और सबसे खास बात की जिस दिन और जिस समय आपको सुकून और बहुत अच्छा महसूस हुआ तो समझ जाइए की प्रार्थना आपकी सफल है।

ईश्वर हम सभी के साथ हैं , हम सभी के पास हैं।

Monday, 3 September 2018

Distortion - Filter of NLP

Distortion



ये दूसरा filter है जिसकी वजह से लोगों में misunderstanding हो जाती है और relation बिगड़ने लगते हैं।

Distortion में होता ये है की जिसमें हम x का meaning y निकाल के conversation करते हैं, हमारे साथ जो भी event होता है हम उसका meaning कुछ और निकाल के relation बिगाड़ लेते हैं और लोगों को दूसरे नज़रिये से भी देखने लगते हैं कभी कभी।

औऱ आजकल distortion की problem सबसे ज्यादा है दुनियां में, इसको example से और अच्छी तरह जानने की कोशिश करते हैं।

Example 1 :- जब wife अपने husband को call करती है और husband call नहीं उठाते तो wife distort कर लेती हैं की "इन्होंने call नहीं उठाया इसका मतलब की कुछ लफड़ा है।

और ये distortion की problem client और sales person के बीच में भी बहुत है।

Example 2 :- अगर कोई office late पहुंचता है तो manager distort कर लेते हैं कि ये punctual नहीं है बल्कि वो employee पहले time से आता था but कुछ issues की वजह से late हो गया एक दिन।

ऐसे बहुत से example हैं real life के।

Saturday, 1 September 2018

Filters of NLP in Hindi

Filters of NLP :-

1) Delete

2) Distort

3) Generalization




हम जब भी कोई information perceive करते हैं तो उसमें exact information हमारे mind में नहीं जाती उसमें चीजें delete, distort और generalize होती हैं जिसे NLP communication model में filters कहते हैं।



                                                                      Delete

कोई भी information जब हम mind में perceive करते हैं तो exact information नहीं perceive कर पाते हैं, चीजें delete होती हैं जिसके कारण issues & problem आती हैं और हम या तो face करते हैं या फिर behaviour create होता है।

इसे और easy करते हैं example के द्वारा क्योंकि example ही एक ऐसा medium है जिसके द्वारा हम लोग चीजें जल्दी समझने लगते हैं।

Example 1: सबसे common बात जब हम कोई सामान लेने जाते हैं और खासकर की जब घरवाले list बताते हैं तब हम information perceive करने लगते हैं और अगर items 10 हैं तो उसमें से एक या दो item हम लोग भूल जाते हैं और वो item रास्ते में हमें याद आता है या फिर घर पहुंचने पर जब घरवाले डाँटते हैं।

तो इसमें सारे item हमने सुने तो हैं but कुछ delete हुए हैं तो ये filter ऐसे काम करता है और ये सब automatically होता है।

Example 2: ये भी common example है, जब हम घर से बाहर जाते हैं तो destination पहुंचने तक हमारा mind बीच में आ रहे लोगों का face देखता है, bus , car , shop etc ऐसे सारी चीजों को perceive करता है और end में, कुछ चीज़ें ही registered हो पाती हैं mind में, कुछ shop , कुछ चेहरे , खास incident etc बाकी सब automatically delete हो जाते हैं।

Thursday, 30 August 2018

NLP Presupposition : If one can do something anyone can learn to do it

इस Presupposition का एक simple सा funda है की अगर इस दुनिया में कोई success है और हम भी वो सब चाहते हैं जो की उसके पास है तो हम वहां पहुंचने का रास्ता सिख सकते हैं की सामने वाले ने success कैसे पाया।



जबकि हम ये सोचते हैं की सामने वाला व्यक्ति success है, उसके पास सारी  चीजें उपलब्ध हैं लेकिन सीखने वाले काफी कम होते हैं , बहुत कम लोग होते हैं जो दूसरों से सीखते हैं।

इस belief को आपने अगर अपने life में regular apply किया तो आपमें इतने positive changes आएंगे जो आप अभी feel नहीं कर पाएंगे, life change होने लगेगी आपकी।

इस presupposition को अपने life में ििintegrate करके आप में बदलाव ये आएगा की आप हमेशा उस चीज़ को सीखेंगे जो सामने वाले को success को दर्शाता है।

आप और लोगों की तरह दूसरों की किस्मत और अपनी किस्मत में अंतर नहीं गिनेंगे , happy life होगी।

Wednesday, 29 August 2018

NLP Presupposition - Every Behavior has a positive intention

हम लोगों का mindset ऐसा है की हम बिना समझे ये निर्णय ले लेते हैं की दूसरा व्यक्ति का behaviour negative है और उससे वैसा treat करते हैं।

परंतु ऐसा कुछ है नहीं , NLP में बताया गया है की हर एक इंसान के behaviour की एक positive intention होता है, जिसमें की ये presuppose करना होता है की चाहे सामने वाले कोई भी behaviour में हो लेकिन उसके लिए वो positive intention है।



उस behaviour adopt करने पड़ उसे अच्छा लगता है।

For example : अगर कोई Drink करता है तो वो बुरा नहीं है बल्कि वैसा करने में उसे अच्छा लगता है, relaxation feel हो रहा है।

Note :- Drink & Smoke का example common है और काफी लोग ऐसा perception बना लेते हैं की सामने वाला अगर smoke & drink करता है तो वो अच्छा नहीं है।

हालांकि ज्यादा smoke & drink से शरीर को लाभ नहीं मिलता , हानि पहुंचाने वाले होते हैं तो इसका सेवन मत कीजिये, काफी technique हैं NLP में जिससे की drinking , smoking, anxiety, bad memories etc  irrelevent परेशानी खत्म हो सकती है।

Tuesday, 28 August 2018

Work is play - Ultimate belief system of NLP

Life में सबने अपना अपना belief बनाया हुआ है, किसी एक काम को लोग boring समझते हैं और वही काम दूसरों के लिए intresting होता है।

दो Example हैं study & job

ये दो segment ऐसे हैं जिसमें boring & intresting वाला game चलता रहता है, इसी belief के साथ लोग काम करते हैं और study करते हैं

जो work को मजे से करते हैं उनके लिए तो boring कुछ है ही नहीं वो करेगा , पढ़ेगा और mind भी happy लेकिन problem उनके लिए है जो काम को boring समझ के करते हैं।

और intresting बात ये है की काम boring तो मान लिया लेकिन करना मजबूरी है क्योंकि दूसरा option नजर आता ही नहीं।

अगर boring काम को एक game की तरह शुरू किया जाए और finish भी game की तरह किया जाए फिर तो मजा आ जाये, काम आपको लगेगा ही नहीं की burden है, boring है।

Boring word वाला belief धीरे धीरे fade away होने लगेगा।

मैं जब NLP की study कर रहा था तो मैंने इसके एक belief के बारे में पढ़ा जो है "WORK IS PLAY" मतलब की काम एक खेल है जो की life changing belief हो सकता है उन लोगों के लिए जो इसे ध्यान से समझेंगे।



क्योंकि इसे समझने के बाद कोई काम boring लगेगा ही नहीं।

अब तक mind में boring वाला belief डालते रहे तो mind ने भी आपका support किया, अब करना ये है की mind को defination change करके बताओ की boring है ही नहीं कुछ।

जो भी काम या subject आप शुरू करने जा रहे हैं उसे शुरू करने से पहले सोचिये की आप एक शानदार player हैं , ultimate player हैं , boring समझने वाले काम में आपको रुचि आने लगेगी और आप दूसरों को भी coach कर पाएंगे, आप पाएंगे की आपने खुद को कब change कर लिया पता ही नहीं चलेगा।


NLP Presuppositions - The strong belief system

NLP के presupposition हैं जिन्हें अगर आप अपने अंदर Integrate कर लें तो कमाल के results आप देखेंगे अपनी life में और साथ में काफी intresting आपको लगेगा।



सारे belief आपको पहले ही मान लेने हैं और उन्हें मानते हुए अपनी life जिनी है ।

1) MAP is not the territory :-

जो भी हम activity करते हैं, जो भी हमारा decision बनता है वो सब का सब हमारी mapping है, mapping मतलब की जो भी हमने बाहर देखा वो हमारे mind में map हो चुका होता है और हम उसके अनुसार अपनी life जीते हैं।

अब problem वहां आती है जहां पे हमें निराशा नज़र आती है, negativity नज़र आती है, दुखी होते हैं हम तब क्या कर सकते हैं?

तो यहां बताया गया है की जो भी हमने देखा वो हमने reality बनाई है जो actual में real नहीं है क्योंकि सब अपनी reality में जीते हैं जो हम सबने अलग अलग नजरिये से बनाई है।



अगर यहां पे हम वो सब ignore करें और दूसरे नजरिए से देखें तो same वैसे ही हमारे mind में register होगा ।

इसलिए यहां कहा गया है की Map is not territory, ये सब हमने ही create किया है, इसे नाम दिया है और उसी के कारण खुशियां , दुःख, हार - जीत महसूस करते हैं।

Monday, 27 August 2018

NLP communication model in Hindi

हम communicate कैसे करते हैं :-

हमारे life में हर वक़्त Event होता रहता है और हम हमेशा अपनी reality में जीते हैं ना की real world में, communication model  से हम जानेंगे की कैसे हम अपनी reality बनाते हैं और कैसे हम communicate करते हैं इसके  हिसाब से, reality हमेशा हमारे सामने होती है लेकिन हम reality से भी information collect करके अपनी reality बना लेते हैं और वैसे जीते हैं और ये होता है हमारे 5 sense से visual, auditory, kinesthetic, olfactory, gasetory और submodality के help से जो की automatically unconciously हो जाता है, शुरुआत के points हैं ये जिसमें हम किसी भी event में देखते हैं , smell करते हैं, feel करते हैं, touch करते हैं फिर information delete , distort & generalise होता है और DDG के साथ ही emotions, values, desisions ,beliefs भी बनते जाते हैं।



उसके बाद concious unconcious register होता है जो भी हमने percieve किया है, फिर next internal state create होता है जो की ( PIR + physiology ) से बनता है उसके बाद हमारा behaviour बनता है।

Behaviour हमारा end result होता है जो पूरे event की वजह से create होता है, behaviour कैसा भी हो relevant या irrelevent ये पूरे event के through ही create होता है।

PIR :- Personal internal representation

इसका मतलब है की हम सब के mind में हर किसी चीज़ की representation होती है, mapping होती है, images होते हैं ,model , portrayal होता है और सबकी representation अलग अलग होती है किसी भी एक चीज़ को लेके इसलिए personal internal representation कहते हैं और इसके हिसाब से हम दुनिया को देखते हैं और दूसरों से व्यवहार रखते हैं , पसंद - नापसंद, अच्छा - बुरा, सुख - दुख, सब इसमें ही है।

Physiology :- इसका मतलब शरीर क्रिया, जो भी हम अपने शरीर के द्वारा दर्शाते हैं उसे ohysiophys कहते हैं

For example :-

a) जब हम खुश होते हैं तो हमारे शरीर क्रिया से पता चल जाता।

b) जब हम गुस्सा होते हैं तो भी हमारे शरीर क्रिया से पता चल जाता है, ऐसे काफी examples हैं-

और physiology का सीधा connection हमारे PIR से होता है, जैसे हमारी PIR होगी वैसे ही हमारी physiology होगी और दोनों को मिला के state बनता है

PIR + Physiology = state

c) State : स्थिति, दशा, हालत, गत- जो हमारी mind की स्थिति होती है वो physiology और PIR को मिला के होती है, इसलिए हमारी स्थिति में फर्क आता है, जैसे आपकी internal representation होगी तुरंत उसी समय आपकी physiology भी बन जाएगी और फिर आप खुद को किसी state ( स्थिति ) में पाएंगे, state 2 type के होते हैं :-

1) Resourceful - साधन संपन्न - कोई भी स्थिति जिसमें हम खुश रहते हैं उसे resourceful state कहते हैं।

2) Unresourcefull state - कोई भी स्थिति जिसमें हम खुशी महसूस नहीं कर पाते इसे unresourcefull state कहते हैं

State के माध्यम से हमारा behaviour create होता है, हमारा व्यवहार

d) Behaviour :- यही एक factor है जिससे हम अच्छे और बुरे बनते हैं लोगों की नज़र में और यहां तक पहुंचने के लिए हमें E1= Reality E2= अपनी reality तक पहुंचना पड़ता है, अगर हम real world में जियें तो कोई problem ऐसी नहीं जो हम solve नहीं कर सकते क्योंकि problem को हम problem नहीं समझते, दिमाग रास्ते निकालने लगता है उसे solve करने के लिए।

हम अगर अपनी reality से real world में झांके जहां event होते हैं तो हमारे दुखों का दायरा कम हो सकता है, इसी communication model  से हमारा जीवन चलता है, यहीं से mind की programming होती है।

Opportunity knocks Your door in Hindi

हम सभी के life में एक या दो opportunity ऐसी जरूर आती है जो हमारी life को बदल सकती है , बस जरूरत है उसे पहचानने की जो life में आये ऐसे opp...